
परिचय
राजस्थान में कृषि: प्रमुख फसलें और कृषि के प्रकार | Rajasthan Agriculture & Geography Notes for RPSC, CET, REET, Patwar, Police & All Competitive Exams 2026: राजस्थान की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि और पशुपालन है। राज्य की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। राजस्थान का अधिकांश भाग मरुस्थलीय होने और वर्षा की अनिश्चितता के कारण यहाँ की कृषि को ‘मानसून का जुआ’ (Gamble of Monsoon) भी कहा जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कृषि के प्रकार (विशेषकर जनजातीय कृषि), प्रमुख फसलों की किस्में और अनुसंधान केंद्रों से हर बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
आज के इस पोस्ट में हम राजस्थान की कृषि पद्धतियों, ऋतुओं के आधार पर फसलों के वर्गीकरण और प्रमुख फसलों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. राजस्थान में कृषि के प्रमुख प्रकार (Types of Farming in Rajasthan)
भौगोलिक और जलवायु संबंधी विषमताओं के कारण राजस्थान में कृषि के विभिन्न रूप देखने को मिलते हैं:
A. स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation)
- जंगलों और वनस्पतियों को जलाकर साफ की गई भूमि पर की जाने वाली आदिम प्रकार की कृषि को स्थानांतरित कृषि कहते हैं। जब उस भूमि की उर्वरकता खत्म हो जाती है, तो दूसरी जगह जंगल जलाकर खेती की जाती है।
- वालरा (Walra): राजस्थान के दक्षिणी भाग (उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा) में भील और गरासिया जनजातियों द्वारा की जाने वाली स्थानांतरित कृषि को ‘वालरा’ कहा जाता है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं:
- चिमाता (Chimata): पहाड़ी ढलानों पर जंगलों को जलाकर की जाने वाली कृषि। (याद रखने की ट्रिक: ‘च’ से चिमाता, ‘च’ से चोटी/पहाड़ी)।
- दजिया (Dajiya): मैदानी भागों में वनों को काटकर की जाने वाली कृषि।
B. शुष्क कृषि (Dry Farming)
- जहाँ वार्षिक वर्षा 50 सेंटीमीटर से कम होती है (मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान), वहाँ नमी संरक्षण की विशेष तकनीकों के साथ की जाने वाली खेती शुष्क कृषि कहलाती है। इसमें बाजरा, मोठ, ग्वार जैसी कम पानी चाहने वाली फसलें बोई जाती हैं।
C. मिश्रित कृषि (Mixed Farming)
- जब फसलों के उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन (Animal Husbandry) भी किया जाता है, तो उसे मिश्रित कृषि कहते हैं। यह किसानों की आय को सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन तरीका है।
2. ऋतुओं के आधार पर फसलों का वर्गीकरण
भारतीय कृषि को मौसम के अनुसार तीन प्रमुख फसलों में बांटा गया है, जिनके राजस्थानी स्थानीय नाम परीक्षाओं में बहुत पूछे जाते हैं:
A. खरीफ की फसल (Kharif Crop)
- स्थानीय नाम: इसे स्थानीय भाषा में ‘स्याळू’ (Siyalu) या ‘सावणी’ कहा जाता है।
- बुवाई और कटाई: इसकी बुवाई जून-जुलाई (मानसून के आगमन पर) में होती है और कटाई सितंबर-अक्टूबर में की जाती है।
- प्रमुख फसलें: बाजरा, ज्वार, मक्का, ग्वार, मूंग, मोठ, चौला, तिल, मूंगफली, सोयाबीन, अरंडी और कपास।
B. रबी की फसल (Rabi Crop)
- स्थानीय नाम: इसे स्थानीय भाषा में ‘उन्हाळू’ (Unhalu) कहा जाता है।
- बुवाई और कटाई: इसकी बुवाई अक्टूबर-नवंबर में होती है और कटाई मार्च-अप्रैल में की जाती है।
- सिंचाई: यह फसल मुख्य रूप से सिंचाई साधनों और शीतकालीन वर्षा (‘मावठ’) पर निर्भर करती है।
- प्रमुख फसलें: गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, मेथी, ईसबगोल और अफीम।
C. जायद की फसल (Zaid Crop)
- बुवाई और कटाई: इसकी बुवाई फरवरी-मार्च में होती है और मई-जून में कटाई कर ली जाती है।
- प्रमुख फसलें: तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा और विभिन्न प्रकार की सब्जियां।
3. राजस्थान की प्रमुख फसलें और उनके उत्पादक जिले
राजस्थान कुछ विशिष्ट फसलों के उत्पादन में पूरे भारत में प्रथम स्थान रखता है, जैसे: बाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ और ईसबगोल।
A. खाद्यान्न फसलें (Food Crops)
- बाजरा (Pearl Millet): यह राजस्थान की मुख्य खाद्यान्न फसल है। बाजरा उत्पादन और क्षेत्रफल दोनों में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है। इसके प्रमुख उत्पादक जिले बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर और अलवर हैं। बाजरे को ‘गरीब का भोजन’ भी कहा जाता है।
- गेहूं (Wheat): यह रबी की मुख्य फसल है। राजस्थान में सर्वाधिक गेहूं का उत्पादन श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में होता है। इसलिए श्रीगंगानगर को ‘राजस्थान का अन्न भंडार’ या ‘अन्न का कटोरा’ कहा जाता है।
- मक्का (Maize): यह दक्षिणी राजस्थान (मेवाड़) की प्रमुख फसल है। यह लाल-लोमी मिट्टी में सर्वाधिक होती है। प्रमुख जिले: उदयपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़।
- प्रसिद्ध किस्में (Varieties): माही कंचन, माही धवल और सविता (यह प्रश्न RPSC में बार-बार आता है)।
B. तिलहन फसलें (Oilseeds)
- सरसों (Mustard): सरसों उत्पादन में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है। इसे ‘पीली क्रांति’ का मुख्य आधार माना जाता है। प्रमुख जिले: भरतपुर, अलवर, श्रीगंगानगर और टोंक। भरतपुर के सेवर में ‘राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान निदेशालय’ (स्थापना 1993) स्थित है।
- सोयाबीन (Soybean): यह एक तिलहन और दलहन दोनों प्रकार की फसल है। राजस्थान में इसका सर्वाधिक उत्पादन हाड़ौती क्षेत्र (झालावाड़, बारां, कोटा) की काली मिट्टी में होता है।
C. नकदी / व्यापारिक फसलें (Cash Crops)
- कपास (Cotton): इसे स्थानीय भाषा में ‘बणिया’ (Baniya) और सफेद सोना (White Gold) कहा जाता है।
- देसी कपास: उदयपुर, चित्तौड़गढ़।
- अमेरिकन कपास (नरमा): इसे ‘नरमा’ (Narma) कहा जाता है। इसका सर्वाधिक उत्पादन श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में होता है।
- ईसबगोल (Psyllium Husk): इसे स्थानीय भाषा में ‘घोड़ा जीरा’ कहा जाता है। इसका सर्वाधिक उत्पादन जालौर, बाड़मेर और जोधपुर में होता है। जालौर ईसबगोल उत्पादन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
- जीरा (Cumin): जीरा उत्पादन में जालौर, बाड़मेर और जोधपुर अग्रणी हैं। जोधपुर में देश की पहली जीरा मंडी स्थित है।
4. कृषि से जुड़े प्रमुख संस्थान और केंद्र
- केंद्रीय कृषि फार्म, सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर): इसकी स्थापना 1956 में रूस (Russia) की आर्थिक सहायता से की गई थी। यह एशिया का सबसे बड़ा यांत्रिक (Mechanized) कृषि फार्म है।
- केंद्रीय कृषि फार्म, जेतसर (श्रीगंगानगर): इसकी स्थापना 1962 में कनाडा (Canada) की सहायता से की गई थी।
- काजरी (CAZRI – Central Arid Zone Research Institute): स्थापना 1959, मुख्यालय जोधपुर। कार्य: मरुस्थल के प्रसार को रोकना।
- आफरी (AFRI – Arid Forest Research Institute): स्थापना 1985, मुख्यालय जोधपुर।
- मसाला पार्क (Spices Park): राजस्थान का पहला मसाला पार्क ‘रामपुरा भाटिया’ (जोधपुर) में और दूसरा मसाला पार्क रामगंज मंडी (कोटा) में स्थापित किया गया है।
परीक्षापयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- कांगणी (Kangni): यह दक्षिणी राजस्थान में आदिवासियों द्वारा उगाई जाने वाली एक विशिष्ट फसल है।
- रतनजोत (Jatropha) व होहोबा/जोजोबा (Jojoba): ये दोनों बायोडीजल (Bio-diesel) उत्पादक पौधे हैं, जिन्हें मरुस्थलीय क्षेत्रों में सफलतापूर्वक उगाया जा रहा है। होहोबा मूल रूप से इजरायल का पौधा है।
- हरित क्रांति (Green Revolution): 1966-67 में शुरू हुई। इसका सर्वाधिक सकारात्मक प्रभाव गेहूं और चावल की फसल पर पड़ा था।
अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न (20 Important Questions / PYQs)
प्रश्न 1: राजस्थान में दक्षिणी भाग में भील और गरासिया जनजातियों द्वारा की जाने वाली स्थानांतरित कृषि को क्या कहा जाता है?
उत्तर: वालरा (Walra)।
प्रश्न 2: पहाड़ी ढलानों पर जंगलों को जलाकर की जाने वाली वालरा कृषि का प्रकार क्या कहलाता है?
उत्तर: चिमाता (Chimata)।
प्रश्न 3: राजस्थान में रबी की फसल को स्थानीय भाषा में किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: उन्हाळू (Unhalu)।
प्रश्न 4: राजस्थान में ‘अन्न का कटोरा’ (Food Bowl of Rajasthan) किस जिले को कहा जाता है?
उत्तर: श्रीगंगानगर को।
प्रश्न 5: ‘माही कंचन’ और ‘माही धवल’ किस फसल की प्रसिद्ध किस्में हैं?
उत्तर: मक्का (Maize) की।
प्रश्न 6: राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान निदेशालय राजस्थान में कहाँ स्थित है?
उत्तर: सेवर (भरतपुर) में।
प्रश्न 7: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में उगाई जाने वाली ‘अमेरिकन कपास’ को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
उत्तर: नरमा (Narma)।
प्रश्न 8: राजस्थान का वह जिला जो ईसबगोल (घोड़ा जीरा) जीरा और टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: जालौर।
प्रश्न 9: सूरतगढ़ यांत्रिक कृषि फार्म की स्थापना किस देश की आर्थिक सहायता से की गई थी?
उत्तर: रूस (USSR) की सहायता से।
प्रश्न 10: राजस्थान में सोयाबीन का सर्वाधिक उत्पादन किस भौतिक प्रदेश में होता है?
उत्तर: हाड़ौती के पठार में (झालावाड़, बारां, कोटा)।
प्रश्न 11: मिश्रित कृषि (Mixed Farming) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: फसलों के उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन करना।
प्रश्न 12: राजस्थान में खरीफ की फसल को स्थानीय भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर: स्याळू (Siyalu)।
प्रश्न 13: राजस्थान का प्रथम ‘मसाला पार्क’ (Spices Park) कहाँ स्थापित किया गया है?
उत्तर: रामपुरा भाटिया (जोधपुर) में।
प्रश्न 14: बाड़मेर और बीकानेर मुख्य रूप से किस फसल के सर्वाधिक उत्पादन के लिए जाने जाते हैं?
उत्तर: ग्वार और बाजरा के लिए।
प्रश्न 15: ‘सफेद सोना’ (White Gold) किस कृषि उत्पाद को कहा जाता है?
उत्तर: कपास (Cotton) को।
प्रश्न 16: इजरायल की सहायता से राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में बायोडीजल के लिए कौन सा पौधा उगाया जा रहा है?
उत्तर: होहोबा / जोजोबा (Jojoba)।
प्रश्न 17: जेतसर कृषि फार्म (श्रीगंगानगर) किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया था?
उत्तर: कनाडा (Canada) के सहयोग से।
प्रश्न 18: मैदानी भागों में वनों को काटकर की जाने वाली स्थानांतरित कृषि को क्या कहा जाता है?
उत्तर: दजिया (Dajiya)।
प्रश्न 19: सर्दियों में होने वाली ‘मावठ’ की वर्षा किस फसल के लिए सर्वाधिक लाभदायक होती है?
उत्तर: रबी की फसल (विशेषकर गेहूं) के लिए।
प्रश्न 20: कपास की फसल को राजस्थानी ग्रामीण भाषा में किस नाम से पुकारा जाता है?
उत्तर: बणिया (Baniya)।
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