राजस्थान की प्रमुख झीलें – भाग 1: खारे पानी की झीलें (Salt Water Lakes) | Rajasthan Geography Notes for RPSC, CET, REET & Patwar 2026

राजस्थान की प्रमुख झीलें – भाग 1 खारे पानी की झीलें Salt Water Lakes Rajasthan Geography Notes for RPSC CET REET Patwar 2026 राजस्थान की प्रमुख झीलें – भाग 1: खारे पानी की झीलें (Salt Water Lakes) | Rajasthan Geography Notes for RPSC, CET, REET & Patwar 2026

परिचय

राजस्थान की प्रमुख झीलें – भाग 1: खारे पानी की झीलें (Salt Water Lakes) | Rajasthan Geography Notes for RPSC, CET, REET & Patwar 2026: राजस्थान को यद्यपि मरुस्थलीय राज्य माना जाता है, फिर भी यहाँ झीलों की एक समृद्ध परंपरा रही है। भौगोलिक दृष्टि से राजस्थान की झीलों को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है: 1. खारे पानी की झीलें और 2. मीठे पानी की झीलें।

आज के इस पोस्ट में हम खारे पानी की झीलों (Saline/Salt Water Lakes) का विस्तृत अध्ययन करेंगे। राजस्थान में खारे पानी की अधिकांश झीलें उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय भाग में पाई जाती हैं। भूगर्भशास्त्रियों के अनुसार, ये झीलें प्राचीन टेथिस सागर (Tethys Sea) का ही अवशेष हैं। इसके अतिरिक्त, जमीन के नीचे पाई जाने वाली ‘मायका सिस्ट’ चट्टानों से केशिकाकर्षण (Capillary Action) पद्धति द्वारा नमक का धरातल पर आना भी इन झीलों के खारेपन का एक बड़ा कारण है।

1. सांभर झील (Sambhar Lake)

यह राजस्थान ही नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय (Inland) खारे पानी की झील है।

  • विस्तार और स्थिति: यह झील प्रशासनिक रूप से जयपुर ग्रामीण जिले में आती है, लेकिन इसका फैलाव जयपुर ग्रामीण, डीडवाना-कुचामन और अजमेर जिलों की सीमाओं पर है।
  • निर्माता: भौगोलिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक झील है, लेकिन ऐतिहासिक स्रोत बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) के अनुसार इसका निर्माण चौहान वंश के संस्थापक वासुदेव चौहान ने करवाया था।
  • नमक उत्पादन (Salt Production): यहाँ से पूरे भारत के कुल नमक उत्पादन का लगभग 8.7% नमक तैयार किया जाता है। राजस्थान के कुल नमक उत्पादन का यह सबसे बड़ा केंद्र है।
  • प्रबंधन कंपनी: यहाँ नमक उत्पादन का कार्य केंद्र सरकार के उपक्रम ‘हिन्दुस्तान साल्ट्स लिमिटेड’ की सहायक कंपनी ‘सांभर साल्ट्स लिमिटेड’ (स्थापना: 1964) द्वारा किया जाता है।
  • जल आपूर्ति: इस झील में मुख्य रूप से चार नदियाँ आकर गिरती हैं: मेंथा (सर्वाधिक नमक लाने वाली), रूपनगढ़, खारी और खंडेला।
  • रामसर साइट (Ramsar Site): इसके पारिस्थितिक महत्व को देखते हुए 23 मार्च 1990 को इसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (Wetland) यानी ‘रामसर साइट’ घोषित किया गया था। (राजस्थान में केवल दो रामसर साइट हैं: केवलादेव और सांभर)।
  • पक्षी दर्शन: सर्दियों में यहाँ राजहंस (Flamingoes) और ‘कुरजां’ (Demoiselle Crane) पक्षी भारी संख्या में प्रवास के लिए आते हैं।
  • धार्मिक महत्व: झील के किनारे चौहानों की कुलदेवी शाकम्भरी माता का प्रसिद्ध मंदिर और संत दादू दयाल के गुरु की तपोस्थली स्थित है।

2. पचपदरा झील (Pachpadra Lake)

यह नमक की गुणवत्ता (Quality) की दृष्टि से राजस्थान की सबसे सर्वश्रेष्ठ खारे पानी की झील है।

  • स्थिति: यह झील वर्तमान में बालोतरा जिले (पूर्व में बाड़मेर) के पचपदरा नामक स्थान पर स्थित है।
  • नमक की गुणवत्ता: यहाँ के नमक में 98% तक सोडियम क्लोराइड (NaCl) की मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह खाने के लिए सर्वोत्तम (Best Edible Salt) माना जाता है।
  • उत्पादन विधि: यहाँ नमक बनाने का कार्य मुख्य रूप से खारवाल जाति (Kharwal Caste) के लोगों द्वारा किया जाता है। ये लोग मोरली झाड़ी (Morli Bush) की टहनियों का उपयोग करके स्फटिक (Crystals) बनाते हैं, जिससे नमक की डलियां तैयार होती हैं।
  • इतिहास: ऐसा माना जाता है कि ‘पंचा’ नामक भील ने दलदल को सुखाकर इस झील का निर्माण करवाया था, इसीलिए इसका नाम पचपदरा पड़ा।

3. डीडवाना झील (Didwana Lake)

यह झील अपने खारेपन और नमक की रासायनिक संरचना के लिए जानी जाती है, जो इसे अन्य झीलों से अलग बनाती है।

  • स्थिति: यह नवगठित डीडवाना-कुचामन जिले (पूर्व में नागौर) में स्थित है।
  • नमक की अनुपयोगिता: इस झील का नमक खाने योग्य नहीं है। इसका कारण यह है कि इसके जल में सोडियम क्लोराइड (NaCl) के स्थान पर सोडियम सल्फेट (Na2SO4) की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है।
  • औद्योगिक उपयोग: खाने योग्य न होने के कारण यहाँ के नमक का उपयोग चमड़ा उद्योग (Leather Industry) और कागज उद्योग (Paper Industry) में किया जाता है।
  • प्रबंधन कंपनी: यहाँ राजस्थान सरकार के उपक्रम ‘राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स’ (स्थापना 1964) के दो कारखाने (सोडियम सल्फेट और सोडियम सल्फाइड बनाने के लिए) स्थापित हैं।
  • देवल (Deval): डीडवाना झील में निजी संस्थाओं (Private units) द्वारा भी नमक तैयार किया जाता है, इन स्थानीय नमक उत्पादक संस्थाओं को ‘देवल’ कहा जाता है।

4. लूणकरणसर झील (Lunkaransar Lake)

  • स्थिति: यह बीकानेर जिले के लूणकरणसर कस्बे में स्थित है।
  • विशेषता: इसे ‘उत्तरी राजस्थान’ या बीकानेर की एकमात्र प्रमुख खारे पानी की झील माना जाता है। हालांकि वर्तमान में यहाँ से नमक का उत्पादन बहुत कम (न के बराबर) होता है।
  • अन्य तथ्य: लूणकरणसर को मूंगफली उत्पादन की अधिकता के कारण ‘राजस्थान का राजकोट’ भी कहा जाता है।

5. राजस्थान की अन्य प्रमुख खारे पानी की झीलें

जिलों के पुनर्गठन (नए जिलों) के अनुसार इन झीलों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  1. कावोद (Kavod): जैसलमेर (यहाँ के नमक में आयोडीन की मात्रा सर्वाधिक होती है)।
  2. डेगाना (Degana): नागौर।
  3. कुचामन (Kuchaman) व नावां (Nawa): डीडवाना-कुचामन जिला। (नावां में राजस्थान सरकार का ‘आदर्श लवण पार्क’ / Model Salt Park स्थित है)।
  4. तालछापर (Tal Chhapar): चूरू (यह काले हिरणों के अभयारण्य के बीच स्थित खारे पानी की झील है)।
  5. फलोदी (Phalodi) व बाप (Bap): फलोदी जिला (पूर्व में जोधपुर)।
  6. रेवासा (Rewasa) व कोछोर (Kochhor): सीकर (रेवासा झील का उल्लेख कर्नल जेम्स टॉड ने अपनी पुस्तक में भी किया है)।
  7. पोकरण (Pokaran): जैसलमेर।

परीक्षापयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)

  • खारे पानी की झीलें राजस्थान के उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की प्रमुख विशेषता हैं। अरावली के पूर्व या दक्षिण में खारे पानी की कोई बड़ी झील नहीं पाई जाती है।
  • नमक उत्पादन की दो प्रमुख पारंपरिक विधियां हैं: क्यार पद्धति (क्यारियां बनाकर वायु और सूर्य के ताप से पानी वाष्पीकृत करना) और पान पद्धति। सांभर में मुख्य रूप से ‘क्यार’ विधि से नमक बनता है।
  • भारत में नमक उत्पादन में गुजरात और तमिलनाडु के बाद राजस्थान का तीसरा स्थान है। (झीलों से नमक उत्पादन में राजस्थान का प्रथम स्थान है)।

पिछले वर्षों के प्रश्न (Previous Year Questions – PYQ)

प्रश्न 1: राजस्थान की वह कौन सी झील है जिसका नमक खाने योग्य नहीं है और जिसका उपयोग चमड़ा व कागज उद्योग में होता है? (RPSC 2nd Grade 2017)

उत्तर: डीडवाना झील।

प्रश्न 2: पचपदरा झील में नमक तैयार करने का कार्य किस जाति द्वारा किया जाता है? (RSMSSB Patwari 2021)

उत्तर: खारवाल जाति (मोरली झाड़ी का उपयोग करके)।

प्रश्न 3: भारत के कुल नमक उत्पादन का कितना प्रतिशत सांभर झील से प्राप्त होता है? (RAS Pre 2018)

उत्तर: लगभग 8.7 प्रतिशत।

प्रश्न 4: ‘बिजौलिया शिलालेख’ के अनुसार सांभर झील का निर्माता किसे माना गया है? (REET 2018)

उत्तर: वासुदेव चौहान को।

प्रश्न 5: निम्न में से कौन सी झील खारे पानी की नहीं है? (ऑप्शन: डीडवाना, पचपदरा, कावोद, कोलायत) (Police Constable 2020)

उत्तर: कोलायत (बीकानेर की कोलायत झील मीठे पानी की है)।

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