
परिचय
राजस्थान के भौतिक प्रदेश – भाग 3: पूर्वी मैदान और हाड़ौती का पठार | Physical Regions of Rajasthan – Part 3: Eastern Plains and Hadoti Plateau | Rajasthan GK Notes : राजस्थान के भौतिक प्रदेशों की इस श्रृंखला में आज हम राज्य के अंतिम दो प्रमुख भौतिक विभागों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। अरावली पर्वतमाला के पूर्व में स्थित ‘पूर्वी मैदानी प्रदेश’ राजस्थान का सबसे उपजाऊ और सघन बसावट वाला भाग है, जबकि दक्षिण-पूर्व में स्थित ‘दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती का पठार)’ अपनी काली मिट्टी, सघन वनों और सर्वाधिक वर्षा के लिए जाना जाता है। परीक्षाओं की दृष्टि से नदियों के बेसिन और पठारी क्षेत्रों की भौगोलिक शब्दावली बहुत महत्वपूर्ण है।
1. पूर्वी मैदानी प्रदेश (Eastern Plains of Rajasthan)
यह प्रदेश अरावली के पूर्व में और हाड़ौती के पठार के पश्चिम में स्थित है। यह मूल रूप से गंगा और यमुना नदियों तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से बना एक समतल मैदान है।
- उत्पत्ति और निर्माण: इसका निर्माण प्लीस्टोसीन काल (Pleistocene Epoch) में नदियों द्वारा जमा किए गए अवसादों (जलोढ़ मिट्टी) से हुआ है। इसे प्राचीन टेथिस सागर का अवशेष माना जाता है।
- क्षेत्रफल एवं जनसंख्या: यह राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 23.3% भाग घेरता है और यहाँ राज्य की 39% जनसंख्या निवास करती है।
- जनघनत्व (Population Density): अनुकूल जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और समतल भूभाग के कारण यह राजस्थान का सर्वाधिक जनघनत्व वाला भौतिक प्रदेश है।
- जलवायु और वर्षा: यहाँ मुख्य रूप से आर्द्र (Humid) जलवायु पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 50 से 80 सेंटीमीटर के बीच होती है।
- मृदा (मिट्टी): इस क्षेत्र में नदियों द्वारा बहाकर लाई गई अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ या दोमट मिट्टी (एल्फीसोल्स / Alfisols) पाई जाती है। यह गेहूं, सरसों और चने की खेती के लिए सर्वोत्तम है।
पूर्वी मैदान का वर्गीकरण (Classification of Eastern Plains)
नदियों के प्रवाह के आधार पर इसे तीन मुख्य बेसिन (घाटी क्षेत्रों) में बांटा गया है:
A. माही बेसिन (Mahi Basin):
इसका विस्तार मुख्य रूप से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में है। माही नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है।
- छप्पन का मैदान (Chappan Ka Maidan): बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के मध्य 56 नदी-नालों या 56 ग्राम पंचायतों के समूह को ‘छप्पन का मैदान’ कहा जाता है।
- कांठल (Kanthal): प्रतापगढ़ जिले में माही नदी के किनारे (तट) वाले भाग को कांठल कहा जाता है।
- वागड़ (Vagad): डूंगरपुर और बांसवाड़ा का पहाड़ी और विच्छेदित (कटा-फटा) क्षेत्र वागड़ कहलाता है।
B. बनास – बाणगंगा बेसिन (Banas-Banganga Basin):
यह पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी बनास और उसकी सहायक नदियों का मैदान है।
- खेराड़ (Kherad): भीलवाड़ा (जहाजपुर) से टोंक के मध्य का भूभाग।
- रोही का मैदान: बाणगंगा और यमुना नदियों के बीच का उपजाऊ दोआब क्षेत्र (जयपुर से भरतपुर तक)।
- पीडमांट का मैदान (Piedmont Plain): राजसमंद के देवगढ़ के आस-पास का निर्जन और पहाड़ी टीलों युक्त मैदान।
C. चम्बल बेसिन (Chambal Basin):
चम्बल नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान के कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर में बहती है। यह बेसिन अपनी भयानक कंदराओं के लिए प्रसिद्ध है।
- उत्खात स्थलाकृति (Badland Topography): चम्बल नदी के तेज बहाव के कारण मिट्टी का गहरा कटाव होता है (जिसे अवनालिका अपरदन / Gully Erosion कहते हैं)। इस ऊबड़-खाबड़ और गहरी खाइयों वाली भूमि को उत्खात भूमि कहते हैं।
- बीहड़ (Ravines): चम्बल बेसिन में गहरी खाइयों वाले घने जंगल ‘बीहड़’ कहलाते हैं। सर्वाधिक बीहड़ सवाई माधोपुर और धौलपुर में हैं।
- डांग (Dang): बीहड़ के उच्च भूमि वाले क्षेत्रों को डांग कहते हैं। करौली को ‘डांग की रानी’ और धौलपुर को ‘डांग का राजा’ कहा जाता है।
2. दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश या हाड़ौती का पठार (Hadoti Plateau)
यह राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में स्थित है जो मालवा के पठार (मध्य प्रदेश) का ही उत्तरी विस्तार है।
- उत्पत्ति और निर्माण: इसका निर्माण क्रिटेशियस काल (Cretaceous Period) में ज्वालामुखी के शांत उद्भेदन से निकले बेसाल्ट लावे (Basalt Lava) के जमने से हुआ है। यह प्राचीन गोंडवानालैंड का अवशेष है।
- क्षेत्रफल एवं जनसंख्या: यह राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 6.89% है और यहाँ राज्य की 11% जनसंख्या रहती है।
- जिले: मुख्य रूप से कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ (हाड़ौती संभाग) इसमें आते हैं।
- जलवायु और वर्षा: यह राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला भौतिक प्रदेश है। यहाँ अति-आर्द्र (Very Humid) जलवायु पाई जाती है और औसत वार्षिक वर्षा 80 से 120 सेमी तक होती है। झालावाड़ राज्य का सर्वाधिक वर्षा वाला जिला है।
- मृदा (मिट्टी): ज्वालामुखी लावे से निर्मित होने के कारण यहाँ मध्यम काली मिट्टी (वर्टीसोल्स / Vertisols) पाई जाती है, जो नमी को लंबे समय तक रोक कर रखती है। यह कपास, सोयाबीन, संतरा और अफीम के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
हाड़ौती के पठार का वर्गीकरण (Classification of Hadoti Plateau)
इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
A. विंध्यन कगार भूमि (Vindhyan Scarpland):
यह चम्बल और बनास नदियों के मध्य स्थित है। यह क्षेत्र मजबूत बलुआ पत्थर (Sandstone) और चूना पत्थर (Limestone) से बना है। राजस्थान के प्रसिद्ध किले और महल इन्ही पत्थरों से बने हैं।
- महान सीमा भ्रंश (Great Boundary Fault – GBF): यह अरावली पर्वतमाला और विंध्याचल पर्वत को अलग करने वाली एक भूगर्भीय दरार (Fault line) है। यह बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली से लेकर चित्तौड़गढ़ (बेगूं) तक विस्तृत है।
B. दक्कन लावा पठार (Deccan Lava Plateau):
यह कोटा, बूंदी, झालावाड़ का बलुआ और स्लेटी पत्थरों से निर्मित क्षेत्र है। इसी में झालावाड़ का डग-गंगधार उच्च भूमि क्षेत्र आता है।
हाड़ौती क्षेत्र की प्रमुख पहाड़ियाँ
- मुकुंदरा की पहाड़ियाँ (Mukundara Hills): कोटा और झालावाड़ के मध्य स्थित हैं। इनकी आकृति अर्द्ध-चंद्राकार (Half-moon shaped) है। राज्य का तीसरा टाइगर रिजर्व (मुकुंदरा हिल्स) यहीं है।
- रामगढ़ की पहाड़ियाँ: बारां जिले में स्थित इन पहाड़ियों का आकार घोड़े की नाल (Horse-shoe shaped) जैसा है। यहाँ भारत का पहला जियो-हेरिटेज क्रेटर (उल्कापिंड गिरने से बना गड्ढा) स्थित है।
- बूंदी की पहाड़ियाँ: इन्हें आड़ावाला पर्वत भी कहा जाता है।
परीक्षापयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश थार का मरुस्थल (61.11%) है, जबकि सबसे छोटा भौतिक प्रदेश हाड़ौती का पठार (6.89%) है।
- अवनालिका अपरदन (Gully Erosion) की सर्वाधिक समस्या राजस्थान में चम्बल नदी बेसिन में पाई जाती है।
- हाड़ौती का पठार अरावली और विंध्याचल पर्वतमालाओं के बीच एक ‘संक्रांति प्रदेश’ (Transitional Zone) का कार्य करता है।
- छप्पन का मैदान (बांसवाड़ा-प्रतापगढ़) और छप्पन की पहाड़ियाँ (बाड़मेर-बालोतरा) दोनों अलग-अलग हैं, इनमें अक्सर भ्रम होता है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (Previous Year Questions – PYQ)
प्रश्न 1: राजस्थान में ‘छप्पन का मैदान’ किस नदी बेसिन में स्थित है? (REET 2021, LDC 2018)
उत्तर: माही नदी बेसिन (बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के मध्य)।
प्रश्न 2: राजस्थान के किस क्षेत्र में ‘उत्खात भूमि’ (Badland Topography) पाई जाती है? (RPSC 2nd Grade 2018)
उत्तर: चम्बल बेसिन में।
प्रश्न 3: ‘महान सीमा भ्रंश’ (Great Boundary Fault) राजस्थान के किस भाग से गुजरता है? (RAS Pre 2016)
उत्तर: दक्षिण-पूर्वी भाग (सवाई माधोपुर और बूंदी के समीप)।
प्रश्न 4: राजस्थान के हाड़ौती पठार में मुख्यतः कौनसी मिट्टी पाई जाती है? (RSMSSB Patwari 2021)
उत्तर: मध्यम काली मिट्टी (वर्टीसोल्स)।
प्रश्न 5: घोड़े की नाल के आकार की रामगढ़ की पहाड़ियाँ किस जिले में स्थित हैं? (Police Constable 2020)
उत्तर: बारां जिले में।
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