
परिचय
1857 की क्रांति में राजस्थान की भूमिका, नसीराबाद एवं एरिनपुरा छावनी विद्रोह, कोटा विद्रोह, आउवा का संघर्ष, ठाकुर कुशाल सिंह एवं अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सम्पूर्ण अध्ययन करें। RPSC, CET, REET, Patwar, Police, VDO एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी Rajasthan History Notes।
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 की क्रांति) में राजपूताना (राजस्थान) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यद्यपि राजस्थान के अधिकांश राजाओं ने इस क्रांति में अंग्रेजों (ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी) का साथ दिया, लेकिन यहाँ की जनता, जागीरदारों और सैनिकों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भयंकर विद्रोह किए।
प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, RSMSSB, REET, पशु परिचर) में 1857 की क्रांति के समय के ब्रिटिश अधिकारियों, प्रमुख सैनिक छावनियों, आउआ के युद्धों और कोटा के जन-विद्रोह से सर्वाधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। आज के इस पोस्ट में हम 1857 की क्रांति में राजस्थान की भूमिका का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
1. क्रांति के समय राजस्थान की प्रशासनिक स्थिति
1832 ई. में राजपूताना पर नियंत्रण रखने के लिए अंग्रेजों ने अजमेर में ‘राजपूताना रेजीडेंसी’ की स्थापना की थी।
- A.G.G. (Agent to Governor General): यह राजपूताना में अंग्रेजों का सबसे बड़ा अधिकारी होता था। 1857 की क्रांति के समय राजस्थान के ए.जी.जी. जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस (George Patrick Lawrence) थे।
- ए.जी.जी. का ग्रीष्मकालीन मुख्यालय माउंट आबू (सिरोही) में था।
- पॉलिटिकल एजेंट (Political Agents – P.A.): ए.जी.जी. के अधीन विभिन्न रियासतों में ब्रिटिश अधिकारी नियुक्त किए गए थे, जिन्हें पी.ए. कहा जाता था। 1857 की क्रांति के समय प्रमुख पी.ए. निम्नलिखित थे:
- मेवाड़ (उदयपुर): मेजर शॉवर्स (Major Showers)
- मारवाड़ (जोधपुर): मैकमोसन (Mac Mason)
- जयपुर: कर्नल ईडन (William Eden)
- कोटा: मेजर बर्टन (Major Burton)
- भरतपुर: मॉरीसन (Morrison)
- सिरोही: जे. डी. हॉल (J.D. Hall)
2. राजस्थान की सैनिक छावनियां (Military Cantonments)
1857 की क्रांति के समय राजस्थान में कुल 6 ब्रिटिश सैनिक छावनियां थीं:
- नसीराबाद (अजमेर)
- नीमच (वर्तमान मध्य प्रदेश में, लेकिन उस समय मेवाड़ रियासत के अधीन)
- एरिनपुरा (पाली / मारवाड़ रियासत)
- देवली (टोंक)
- ब्यावर (अजमेर)
- खेरवाड़ा (उदयपुर)
विशेष तथ्य: इन 6 छावनियों में से ब्यावर और खेरवाड़ा ने 1857 की क्रांति में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया था। इन सभी छावनियों में लगभग 5000 भारतीय सैनिक थे और एक भी अंग्रेज सैनिक नहीं था (केवल अधिकारी अंग्रेज थे)।
3. राजस्थान में क्रांति का आरंभ और प्रमुख विद्रोह
राजस्थान में क्रांति की शुरुआत 28 मई 1857 को नसीराबाद छावनी से हुई थी। आइए प्रमुख विद्रोहों का विस्तार से अध्ययन करें:
A. नसीराबाद का विद्रोह (28 मई 1857)
- क्रांति की शुरुआत: राजस्थान में सर्वप्रथम क्रांति नसीराबाद में शुरू हुई।
- विद्रोही सैनिक: यहाँ विद्रोह 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री (15th B.N.I.) के सैनिकों द्वारा किया गया, जिनका साथ 30वीं बी.एन.आई. ने भी दिया।
- प्रमुख घटनाएं: सैनिकों ने तोपखाने पर अधिकार कर लिया और मेजर स्पोटिसवुड तथा न्यूबरी नामक अंग्रेज अधिकारियों की हत्या कर दी। इसके बाद विद्रोही ‘चलो दिल्ली’ का नारा लगाते हुए दिल्ली की ओर कूच कर गए।
B. नीमच का विद्रोह (3 जून 1857)
- नेतृत्व: यहाँ विद्रोह का नेतृत्व मोहम्मद अली बेग और हीरा सिंह ने किया। मोहम्मद अली बेग ने अंग्रेज अधिकारी एबॉट (Abbott) के सामने वफादारी की कसम खाने से इंकार कर दिया था।
- रूघाराम किसान का योगदान: नीमच से भागकर 40 अंग्रेज अधिकारियों और उनके परिवारों ने चित्तौड़गढ़ के ‘डूंगला’ गाँव में रूघाराम नामक किसान के घर शरण ली।
- महाराणा की भूमिका: बाद में मेवाड़ के पी.ए. मेजर शॉवर्स और मेवाड़ के महाराणा स्वरूप सिंह ने इन अंग्रेजों को सुरक्षित निकालकर उदयपुर के पिछोला झील स्थित ‘जगमंदिर महल’ में ठहराया।
C. एरिनपुरा का विद्रोह और आउआ (पाली) का संघर्ष
यह मारवाड़ (जोधपुर) रियासत में हुआ सबसे भीषण विद्रोह था।
- क्रांति की शुरुआत: 21 अगस्त 1857 को ‘जोधपुर लीजियन’ के सैनिकों ने विद्रोह किया और “चलो दिल्ली, मारो फिरंगी” का प्रसिद्ध नारा दिया।
- ठाकुर कुशाल सिंह चंपावत: आउआ (Auwa) के जागीरदार ठाकुर कुशाल सिंह ने इन विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व किया। मारवाड़ के कई अन्य जागीरदार भी उनके साथ आ गए।
- आउआ के दो ऐतिहासिक युद्ध:
- बिथौड़ा का युद्ध (8 सितंबर 1857): यह युद्ध ठाकुर कुशाल सिंह और मारवाड़ की राजकीय सेना (जिसका नेतृत्व हितकोट और कुशलराज सिंघवी कर रहे थे) के मध्य हुआ। इसमें ठाकुर कुशाल सिंह की विजय हुई और जोधपुर का किलेदार ओनाड़ सिंह मारा गया।
- चेलावास का युद्ध / काले-गोरों का युद्ध (18 सितंबर 1857): बिथौड़ा की हार का बदला लेने के लिए ए.जी.जी. जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस और मारवाड़ का पी.ए. मैकमोसन स्वयं सेना लेकर आए। इस युद्ध में भी ठाकुर कुशाल सिंह विजयी हुए। विद्रोहियों ने मैकमोसन का सिर काटकर आउआ के किले के दरवाजे पर लटका दिया।
- सुगाली माता (Sugali Mata): आउआ के ठाकुरों की कुलदेवी ‘सुगाली माता’ को 1857 की क्रांति की देवी माना जाता है। इनकी मूर्ति के 10 सिर और 54 हाथ हैं। अंग्रेज इस मूर्ति को अजमेर ले गए थे (वर्तमान में यह पाली के बांगड़ संग्रहालय में है)।
D. कोटा का जन-विद्रोह (15 अक्टूबर 1857)
राजस्थान में सबसे सुनियोजित, भयंकर और सबसे लंबे समय तक चलने वाला विद्रोह कोटा में हुआ था। यह सैनिक विद्रोह न होकर एक जन-विद्रोह (Public Revolt) था।
- नेतृत्व: कोटा में क्रांति का नेतृत्व जयदयाल (वकील) और मेहराब खान (रिसालदार) ने किया।
- प्रमुख घटनाएं: विद्रोहियों ने कोटा के पी.ए. मेजर बर्टन और उसके दो पुत्रों की हत्या कर दी तथा बर्टन का सिर काटकर पूरे कोटा शहर में घुमाया गया।
- कोटा के शासक महाराव रामसिंह द्वितीय को विद्रोहियों ने नजरबंद कर दिया। लगभग 6 महीने तक कोटा पर जनता का शासन रहा।
- बाद में करौली के शासक मदनपाल की सहायता से अंग्रेजों ने रामसिंह को मुक्त करवाया।
4. 1857 की क्रांति के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- अमरचंद बांठिया (Bhamashah of 1857): ये बीकानेर के निवासी थे और ग्वालियर में व्यापार करते थे। इन्होंने अपनी पूरी संपत्ति रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे को आर्थिक सहायता के रूप में दे दी थी। अंग्रेजों ने इन्हें फांसी दे दी। इन्हें ‘राजस्थान का मंगल पांडे’ और ‘1857 की क्रांति का भामाशाह’ कहा जाता है।
- तात्या टोपे (Tatya Tope): 1857 की क्रांति के महान नेता तात्या टोपे ने राजस्थान में दो बार प्रवेश किया (पहले भीलवाड़ा और फिर बांसवाड़ा)। राजस्थान के जैसलमेर को छोड़कर सभी रियासतों में वे गए थे। टोंक की जनता ने नवाब के विरुद्ध जाकर तात्या टोपे का साथ दिया था। नरवर के जागीरदार मानसिंह नरुका के विश्वासघात के कारण तात्या टोपे पकड़े गए और 18 अप्रैल 1859 को उन्हें फांसी दे दी गई।
- बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह: ये राजस्थान के एकमात्र ऐसे शासक थे जो अंग्रेजों की सहायता के लिए अपनी सेना लेकर राजपूताना की सीमा से बाहर (हिसार, बाड़लू – पंजाब) तक गए थे।
परीक्षापयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- क्रांति के समय राजस्थान के अधिकांश शासकों (जैसे जयपुर के सवाई रामसिंह द्वितीय, मेवाड़ के स्वरूप सिंह, जोधपुर के तख्त सिंह) ने तन, मन और धन से अंग्रेजों की सहायता की थी।
- लॉर्ड कैनिंग ने इन राजाओं के बारे में कहा था: “इन शासकों और सरदारों ने तूफान के आगे तरंगरोध (Breakwater) का कार्य किया, अन्यथा यह लहर हमें बहा ले जाती।”
- 1857 की क्रांति के समय ब्रिटिश छावनियों में प्रतीक चिन्ह के रूप में ‘कमल का फूल’ और ‘चपाती (रोटी)’ का प्रयोग किया गया था।
अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न (20 Important Questions / PYQs)
प्रश्न 1: 1857 की क्रांति के समय राजस्थान का A.G.G. (Agent to Governor General) कौन था?
उत्तर: जॉर्ज पैट्रिक लॉरेंस।
प्रश्न 2: राजस्थान में 1857 की क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस सैनिक छावनी से हुई थी?
उत्तर: नसीराबाद छावनी से (28 मई 1857)।
प्रश्न 3: 1857 की क्रांति के समय मारवाड़ (जोधपुर) का पॉलिटिकल एजेंट कौन था जिसकी हत्या कर उसका सिर आउआ के किले पर लटका दिया गया?
उत्तर: मैकमोसन (Mac Mason)।
प्रश्न 4: “चलो दिल्ली, मारो फिरंगी” का नारा राजस्थान की किस छावनी के विद्रोहियों ने दिया था?
उत्तर: एरिनपुरा छावनी के विद्रोहियों ने।
प्रश्न 5: आउआ के विद्रोह का नेतृत्व किस जागीरदार ने किया था?
उत्तर: ठाकुर कुशाल सिंह चंपावत ने।
प्रश्न 6: ‘काले-गोरों का युद्ध’ किस युद्ध को कहा जाता है और यह कब हुआ?
उत्तर: चेलावास का युद्ध (18 सितंबर 1857)।
प्रश्न 7: 1857 की क्रांति की देवी किसे कहा जाता है, जिनकी मूर्ति के 10 सिर और 54 हाथ हैं?
उत्तर: सुगाली माता को।
प्रश्न 8: राजस्थान में 1857 की क्रांति का सबसे सुनियोजित और व्यापक जन-विद्रोह कहाँ हुआ था?
उत्तर: कोटा में।
प्रश्न 9: कोटा में क्रांति का नेतृत्व किन दो व्यक्तियों ने किया था?
उत्तर: जयदयाल और मेहराब खान ने।
प्रश्न 10: कोटा के किस पॉलिटिकल एजेंट का सिर काटकर पूरे शहर में घुमाया गया था?
उत्तर: मेजर बर्टन का।
प्रश्न 11: 1857 की क्रांति के समय राजस्थान में कुल कितनी ब्रिटिश सैनिक छावनियां थीं?
उत्तर: 6 छावनियां।
प्रश्न 12: वे कौन सी दो छावनियां थीं जिन्होंने 1857 की क्रांति में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया?
उत्तर: ब्यावर और खेरवाड़ा।
प्रश्न 13: नीचम के विद्रोह (3 जून 1857) का नेतृत्व किसने किया था?
उत्तर: मोहम्मद अली बेग और हीरा सिंह ने।
प्रश्न 14: नीमच से भागे 40 अंग्रेज परिवारों को मेवाड़ के किस महाराणा ने पिछोला झील के जगमंदिर में शरण दी थी?
उत्तर: महाराणा स्वरूप सिंह ने।
प्रश्न 15: ‘राजस्थान का मंगल पांडे’ और ‘1857 की क्रांति का भामाशाह’ किसे कहा जाता है?
उत्तर: अमरचंद बांठिया को।
प्रश्न 16: राजस्थान का वह एकमात्र शासक कौन था जो अंग्रेजों की सहायता के लिए अपनी सेना लेकर राज्य की सीमा से बाहर (पंजाब) तक गया था?
उत्तर: बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह।
प्रश्न 17: बिथौड़ा का युद्ध (8 सितंबर 1857) किनके मध्य लड़ा गया था?
उत्तर: ठाकुर कुशाल सिंह और मारवाड़ की राजकीय सेना (कैप्टन हीथकोट) के मध्य।
प्रश्न 18: तात्या टोपे ने 1857 की क्रांति के दौरान राजस्थान में कितनी बार प्रवेश किया था?
उत्तर: दो बार।
प्रश्न 19: 1857 की क्रांति के समय जयपुर का पॉलिटिकल एजेंट (P.A.) कौन था?
उत्तर: कर्नल विलियम ईडन।
प्रश्न 20: किस अंग्रेज अधिकारी ने राजपूताना के शासकों के लिए कहा था कि “इन्होंने तूफान के आगे तरंगरोध (Breakwater) का कार्य किया”?
उत्तर: लॉर्ड कैनिंग ने।
See Also:-
- 1857 की क्रांति और राजस्थान का योगदान | Rajasthan History Notes for RPSC, CET, REET, Patwar, Police & All Competitive Exams 2026
- आमेर का कछवाहा राजवंश: राजा मानसिंह, मिर्जा राजा जयसिंह एवं सवाई जयसिंह | Rajasthan History Notes for RPSC, CET, REET, Patwar, Police & All Competitive Exams 2026
- अजमेर और रणथंभौर के चौहान: पृथ्वीराज चौहान III एवं हम्मीर देव | Rajasthan History Notes for RPSC, CET, REET, Patwar, Police & All Competitive Exams 2026
- Rajasthan Anganwadi Bharti 2026 Nagaur Notification Out: Apply for 146 Anganwadi Worker & Helper Vacancies
- मारवाड़ का इतिहास: राठौड़ राजवंश (राव सीहा से महाराजा जसवंत सिंह तक) | Rajasthan History Notes for RPSC, CET, REET, Patwar, Police & All Competitive Exams 2026
| Name | Links |
|---|---|
| IMAGE RESIZE | RESIZE |
| JOIN Telegram Channel | Click Here |
| Subscribe YouTube Channel | Click Here |
| For More | Home Page |
1857 की क्रांति और राजस्थान का योगदान, 1857 Revolt in Rajasthan, राजस्थान का योगदान 1857, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, First War of Independence Rajasthan, Rajasthan Modern History Notes, Rajasthan History Notes, Rajasthan History GK, राजस्थान इतिहास, Rajasthan GK Notes, 1857 Revolution Notes, राजस्थान में 1857 की क्रांति, नसीराबाद छावनी विद्रोह, Nasirabad Revolt, एरिनपुरा छावनी विद्रोह, Erinpura Revolt, कोटा विद्रोह, Kota Revolt 1857,
आउवा का विद्रोह, Auwa Revolt, ठाकुर कुशाल सिंह, Thakur Kushal Singh Notes, Tatya Tope Rajasthan, तात्या टोपे राजस्थान, British Rule Rajasthan, Rajasthan Freedom Struggle, Rajasthan Independence Movement, Modern History Rajasthan, Rajasthan History PDF, Rajasthan History Study Material, Rajasthan History MCQ, Rajasthan History Questions, Rajasthan History One Liner, Rajasthan History Important Questions,
Rajasthan History for RPSC, Rajasthan History for CET, Rajasthan History for REET, Rajasthan History for Patwar, Rajasthan History for Police, Rajasthan History for VDO, Rajasthan History for LDC, Rajasthan Competitive Exam Notes, Rajasthan Freedom Fighters, राजस्थान के स्वतंत्रता सेनानी, Rajasthan Historical Events, Rajasthan Heritage History, Rajasthan Culture History, Rajasthan Historical Facts, Modern Rajasthan History, Rajasthan Topic Wise Notes, Rajasthan History Complete Notes, Rajasthan History Hindi Notes,
Rajasthan GK History Notes, Rajasthan History Preparation, Rajasthan History Revision Notes, Rajasthan History Objective Questions, Rajasthan History Practice Set, Rajasthan History Quiz, Rajasthan History Facts, Rajasthan History Important Facts, Rajasthan Modern History MCQ, Rajasthan Modern History Questions, Rajasthan History PDF Download, Rajasthan History Important Notes, Rajasthan History Capsule, Rajasthan History Short Notes, Rajasthan History Detailed Notes, Rajasthan Exam Preparation,
Rajasthan GK Preparation, Rajasthan History Topic List, Rajasthan History Learning Notes, Rajasthan History Summary Notes, Rajasthan History Competitive Exams, Rajasthan History Online Notes, Rajasthan History Free Notes, Rajasthan History Class Notes, Rajasthan History Questions Answers, Rajasthan History Important Topics, Rajasthan History 2026, Rajasthan GK 2026, Rajasthan Study Material, Rajasthan Samanya Gyan, Rajasthan General Knowledge, Rajasthan History Hindi, Rajasthan History Notes Hindi,
Rajasthan History Complete Study Material, Rajasthan History Important MCQ, Rajasthan History Revision PDF, Rajasthan History Practice Questions, Rajasthan Modern History GK, Rajasthan History Exam Notes, Rajasthan History Preparation Notes, Rajasthan GK Modern History, Rajasthan Notes for All Exams, Rajasthan Topic Wise Study Material, Rajasthan Notes PDF Download, 1857 GK Questions Rajasthan, Rajasthan Freedom Movement Notes.